Thursday, 19 June 2014
Friday, 16 May 2014
Sunday, 11 May 2014
युवती के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज
- युवती के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज
पिड़ावा, 11 मई।
सुनेल पुलिस ने एक युवती के साथ जबरन दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि थानाक्षेत्र के कोटड़ा प्रताप गांव निवासी एक युवती ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह शनिवार को प्रात: 8 बजे गांव के समीप स्थित अपने खेत पर प्याज लेने के लिए गई थी। तभी वहां इसी गांव का निवासी शेरसिंह पुत्र सज्जनसिंह आ पहुंचा तथा उसने जबरन युवती के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने पीडि़ता की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूद्ध धारा 376 में प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की।
Thursday, 10 April 2014
सुनी पड़ी हुई है पुलिस चौकी
बड़ौद 9 अप्रैल छीपाबड़ौद ( कुलदीप गोत्तम}
छीपाबड़ौद तहसील क्षैत्र के हरनावदा शाहजी थाना अन्तर्गत आने वाली कोटड़ा पहाड़ सिंह पुलिस चौकी के हाल बैहाल हो रहे है चौकी का भवन जहां जीर्ण शीर्ण अवस्था में है वही पुलिस स्टॉफ भी उक्त चौकी में कई बरसो से नही रुकता दिखाई दिया है पुलिस चौकी के बाहर स्पष्ट रुप से प्रदर्शक बोर्ड भी नही लगा हुआ है। वही चौकी के दोनो कमरों में ताले लगे हुये है वहीं तीसरा कमरे का किवाड़ टूटा हुआ है। और अन्दर टुटा फूटा सामान बिखरा हुआ है। पुलिस चौकी के नाम पर यंहा सिर्फ कागजो में हि कार्य दिखाई दे रहा है जबकी इस चौकी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अन्र्तराज्य सीमा पर होने वाली अवैध गतिविधियों पर नजर रखने की होती है बल्कि खुद चौकी अपनी बदहाली के आंसु रो रही है। चौकी के अन्र्तगत आने वाले ग्रामीण इलाको के निवासियो को पच्चीस किलोमीटर दुर हरनावदा शाहजी अपनी फरियाद लेकर जाना पड़ता है इस चौकी में प्रभारी रोजाना ना बेठने के कारण अपराधिक गतिविधियां दिन ब दिन बढऩे लगी है जिस कारण मध्यप्रदेश से राजस्थान में तस्करी करने वाले लोगो को खुली छुट मिल रही है। यदि यह सिलसिला लगातार चलता रहा तो अपराधियो के होसले बुलन्द हो जायेगें कोटड़ा पहाड़ सिंह के ग्रामीणो ने बताया की मध्यप्रदेश से अवैध कारोबारी इस बीहड़ इलाके में घुमते रहते है जिससे हमें जान माल का खतरा बना रहता है।
जिला स्थापना दिवस आज
आयोजन के नोडल अधिकारी प्रद्युम्न गौतम ने बताया कि जिला स्थापना दिवस पर गुरूवार प्रात: आठ बजे मिनी सचिवालय के प्रांगण में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन होगा। जिसमें स्काउट गाईड दल द्वारा सभी धर्मों के भजनों का गायन किया जाएगा। शाम सात बजे मनिहारा तालाब पर दीपदान का कार्यक्रम होगा। जिसमें गायत्री परिवार तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि व आमजन भाग लेंगे। साथ ही सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल होंगे।
नहीं लगी बीपीएल की लाईटे
छीपाबड़ौद 9 अप्रैल - कुलदीप गोत्तम}
|
''उक्त अनियामितता की अभी तक लिखित में शिकायत प्राप्त नही हुई है। आशार्थीयो की समस्या का शीघ्र समाधान कर दोषियो के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी
/-बनवारीलाल शर्मा सहायक अभियंता जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड छीपाबड़ौद।''
Friday, 28 March 2014
पीटीईटी आवेदन की तिथि बढ़ाई
पीटीईटी आवेदन की तिथि बढ़ाई
जोधपुर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय ने राजस्थान के बीएड कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली पीटीईटी के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। पीटीईटी समन्वयक प्रो. रमन कुमार दवे ने बताया कि आवेदक अब 28 मार्च तक फीस जमा करा सकेंगे।
वहीं 30 मार्च तक आवेदन जमा किए जाएंगे। 31 मार्च तक कलेक्शन सेंटर पर आवेदन जमा हो सकेगा। इससे पहले आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 28 मार्च थी। गौरतलब है कि राजस्थान में बीएड कॉलेजों के लिए जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा आयोजित कराती है। प्रवेश परीक्षा मई में होने की संभावना है।
वहीं 30 मार्च तक आवेदन जमा किए जाएंगे। 31 मार्च तक कलेक्शन सेंटर पर आवेदन जमा हो सकेगा। इससे पहले आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 28 मार्च थी। गौरतलब है कि राजस्थान में बीएड कॉलेजों के लिए जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा आयोजित कराती है। प्रवेश परीक्षा मई में होने की संभावना है।
Saturday, 22 March 2014
हूँ इतना वीर की पापड़ भी तोड़ सकता हूँ,
जो गुस्सा आये तो कागज मरोड़ सकता हूँ,
अपनी टांगो से जो जोर लगाया मैंने,
बस एक लात में पिल्ले को रुलाया मैंने,
मेरी हिम्मत का नमूना कि जब भी चाहता हूँ,
रुस्तम ऐ हिंद को सपने में पीट आता हूँ,
एक बार गधे ने जो मुझको उकसाया,
उसके हिस्से की घास छीनकर मैं खा आया,
अपनी ताकत के झंडे यूं मैंने गाड़े हैं,
मरे चूहों के सर के बाल भी उखाड़े हैं,
-- और मेरी हिम्मत देखो--
जब अपनी जान हथेली पे मैं लेता हूँ,
हर घटना की निंदा मैं कर देता हूँ.....!
आपका मनमोहन सिंह
(नाम का प्रधानमंत्री)
जो गुस्सा आये तो कागज मरोड़ सकता हूँ,
अपनी टांगो से जो जोर लगाया मैंने,
बस एक लात में पिल्ले को रुलाया मैंने,
मेरी हिम्मत का नमूना कि जब भी चाहता हूँ,
रुस्तम ऐ हिंद को सपने में पीट आता हूँ,
एक बार गधे ने जो मुझको उकसाया,
उसके हिस्से की घास छीनकर मैं खा आया,
अपनी ताकत के झंडे यूं मैंने गाड़े हैं,
मरे चूहों के सर के बाल भी उखाड़े हैं,
-- और मेरी हिम्मत देखो--
जब अपनी जान हथेली पे मैं लेता हूँ,
हर घटना की निंदा मैं कर देता हूँ.....!
आपका मनमोहन सिंह
(नाम का प्रधानमंत्री)
Thursday, 6 March 2014
ाड़मेर। जिले के धोरीमन्ना क्षेत्र में गुरूवार को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान की बारहवीं कक्षा का पेपर व्हाट्स एप के जरिए परीक्षा अवधि के दौरान बाहर आने की जानकारी के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग ने जांच प्रारंभ की। बाद में शिक्षा विभाग ने पेपर आउट होने से इनकार कर दिया।
बारहवीं अंग्रेजी की परीक्षा के दौरान ही व्हाट्स एप पर पेपर आउट होने की जानकारी फैल गई। जानकारी मिलते ही प्रशासन और नियंत्रक परीक्षा अजमेर ने जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को मामले की जांच के आदेश किए। इस दौरान सामने आया कि एक समाचार चैनल के प्रतिनिधि के पास व्हाट्स एप के जरिए यह जानकारी आई।
शक मीठड़ा खुर्द स्कूल पर
धोरीमन्ना क्षेत्र के मीठड़ा खुर्द स्कूल से यह पेपर आउट होने की आशंका पर विभागीय टीम वहां पहंुची। जांच रिपोर्ट मे बताया कि वहां 148 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैंउनमें से 141 उपस्थित थे। किसी भी परीक्षार्थी के पास मोबाइल नहीं था। मोबाइल केन्द्राधीक्षक के पास जमा बताए गए। पेपर लीक होने की घटना से सभी ने इनकार कर दिया। यहां एक निजी विद्यालय के परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं।
तीन व चार नंबर पेज
प्रश्नपत्र का मुख्य पृष्ठ व्हाट्स एप पर नहीं था, तीन व चार नंबर पेज की प्रति थी। ऎसे में यह जानकारी नहीं मिल पाई कि पेपर किस केन्द्र और छात्र का है।
इसलिए नहीं पुष्टि
प्रश्नपत्र का पहला पन्ना कॉपी नहीं किया गया। व्हाट्स एप के जरिए पेपर बाहर आया। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिस प्रतिनिधि ने यह समाचार दिया उससे आगे की जानकारी नहीं मिली है। व्हाट्स एप से पता लगाना मुश्किल हो रहा है।
जिले की घटना नहीं
व्हाट्स एप पर पेपर बाहर आने की जानकारी है,जो कहीं से भी हो सकता है। जिले की घटना नहीं है।मीठड़ा खुर्द विद्यालय की जांच करवाई है। ऎसा कुछ नहीं पाया गया।
- कन्हैयालाल रैगर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक
नहीं हो पाई पुष
जानकारी मिलने के बाद जांच करवाई गई। पेपर कितने बजे आया, किस केन्द्र का है यह पुष्टि नहीं हो पाई। जिन केन्द्रों पर आशंका थी वहां जांच करवा दी गई है।
- भानुप्रकाश एटूरू, जिला कलक्टर
बारहवीं अंग्रेजी की परीक्षा के दौरान ही व्हाट्स एप पर पेपर आउट होने की जानकारी फैल गई। जानकारी मिलते ही प्रशासन और नियंत्रक परीक्षा अजमेर ने जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को मामले की जांच के आदेश किए। इस दौरान सामने आया कि एक समाचार चैनल के प्रतिनिधि के पास व्हाट्स एप के जरिए यह जानकारी आई।
शक मीठड़ा खुर्द स्कूल पर
धोरीमन्ना क्षेत्र के मीठड़ा खुर्द स्कूल से यह पेपर आउट होने की आशंका पर विभागीय टीम वहां पहंुची। जांच रिपोर्ट मे बताया कि वहां 148 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैंउनमें से 141 उपस्थित थे। किसी भी परीक्षार्थी के पास मोबाइल नहीं था। मोबाइल केन्द्राधीक्षक के पास जमा बताए गए। पेपर लीक होने की घटना से सभी ने इनकार कर दिया। यहां एक निजी विद्यालय के परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं।
तीन व चार नंबर पेज
प्रश्नपत्र का मुख्य पृष्ठ व्हाट्स एप पर नहीं था, तीन व चार नंबर पेज की प्रति थी। ऎसे में यह जानकारी नहीं मिल पाई कि पेपर किस केन्द्र और छात्र का है।
इसलिए नहीं पुष्टि
प्रश्नपत्र का पहला पन्ना कॉपी नहीं किया गया। व्हाट्स एप के जरिए पेपर बाहर आया। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिस प्रतिनिधि ने यह समाचार दिया उससे आगे की जानकारी नहीं मिली है। व्हाट्स एप से पता लगाना मुश्किल हो रहा है।
जिले की घटना नहीं
व्हाट्स एप पर पेपर बाहर आने की जानकारी है,जो कहीं से भी हो सकता है। जिले की घटना नहीं है।मीठड़ा खुर्द विद्यालय की जांच करवाई है। ऎसा कुछ नहीं पाया गया।
- कन्हैयालाल रैगर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक
नहीं हो पाई पुष
जानकारी मिलने के बाद जांच करवाई गई। पेपर कितने बजे आया, किस केन्द्र का है यह पुष्टि नहीं हो पाई। जिन केन्द्रों पर आशंका थी वहां जांच करवा दी गई है।
- भानुप्रकाश एटूरू, जिला कलक्टर
अवधि पूरी, नहीं मिली मंजूरी
अवधि पूरी, नहीं मिली मंजूरी
बारां।कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को पोषण की दोगुनी खुराक देने की आवश्यकता है, लेकिन यह सिलसिला आगे जारी रहेगा या नहीं, जिले में इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के स्थानीय अधिकारी दोगुना पोषाहार देने की व्यवस्था जारी रखने के पक्ष में है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशालय भेज दिए गए हंै। यह प्रस्ताव मंजूर नहीं हुए हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौजूद अतिरिक्त पोषाहार स्टॉक से दोगुना पोषाहार का यथावत वितरण किया जा रहा है। इस व्यवस्था से करीब 19 हजार बच्चे व गर्भवती, धात्री माताएं एवं किशोरी बालिकाएं लाभांवित हो रही है।
ऎसे हुई थी शुरूआत
वर्ष 2012 के अंतिम कुछ महीनों में जिले में कुपोषण से आदिवासी सहरिया जनजाति के बच्चों की मृत्यु के मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार के प्रमुख शासन सचिव समेत विभिन्न विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारी किशनगंज-शाहाबाद क्षेत्र में पहुंचे थे। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आदेश जारी फरवरी 2013 तक के लिए यह व्यवस्था शुरू की थी। इसके बाद पुन: अवधि बढ़ाकर इसे फरवरी 2014 तक कर दिया गया था।
यह अवधि समाप्त होने के बाद इस व्यवस्था को जारी रखने अथवा बंद करने को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं किया गया है।
इनकी खुराक पर भी संकट!
जिले के आदिवासी सहरिया क्षेत्र में एनिमिक (खून की कमी) बच्चों के पैदा होने तथा उनके जन्म से ही एनिमिक रहने के कारण कुपोषण की चपेट में आने का अंदेशा रहता है। सहरिया जनजाति की महिलाओं में भी खून की कमी रहने के मामले सामने आते रहे हैं।
ऎसे ही हालातों को देखते हुए सरकार की ओर से सहरिया परिवारों की गर्भवती धात्री माताओं को दोगुनी मात्रा पोषाहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की थी। इसके अलावा में व किशोरी बालिकाओं को सिंगल मात्रा में पोषाहार देने की व्यवस्था थी। पूर्व में एक केन्द्र पर दो किशोरी बालिकाओं के लिए यह व्यवस्था थी।
भेज रखे हंै प्रस्ताव
जिले में कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों, गर्भवती धात्री महिलाओं को दोगुना व किशोरी बालिकाओं को फरवरी 2014 तक ही पोषाहार वितरण किए जाने के आदेश थे, लेकिन अभी भी इस व्यवस्था को बंद नहीं किया गया है। इसकी अवधि बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजे हुए हंै।
रामदयाल मीणाउपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास
फैक्ट फाइल
इन्हें मिल रहा है लाभ
छह माह से 3 वर्ष के बच्चे कुपोषित अतिकुपोषित 8192
तीन वर्ष से 6 वर्ष के बच्चे कुपोषित अतिकुपोषित 5383
गर्भवती धात्रीमाता व सहरिया किशोरी बालिकाएं 5505
कुल लाभांवित बच्चे व महिलाएं एवं किशोरी 19080
बारां।कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को पोषण की दोगुनी खुराक देने की आवश्यकता है, लेकिन यह सिलसिला आगे जारी रहेगा या नहीं, जिले में इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के स्थानीय अधिकारी दोगुना पोषाहार देने की व्यवस्था जारी रखने के पक्ष में है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशालय भेज दिए गए हंै। यह प्रस्ताव मंजूर नहीं हुए हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौजूद अतिरिक्त पोषाहार स्टॉक से दोगुना पोषाहार का यथावत वितरण किया जा रहा है। इस व्यवस्था से करीब 19 हजार बच्चे व गर्भवती, धात्री माताएं एवं किशोरी बालिकाएं लाभांवित हो रही है।
ऎसे हुई थी शुरूआत
वर्ष 2012 के अंतिम कुछ महीनों में जिले में कुपोषण से आदिवासी सहरिया जनजाति के बच्चों की मृत्यु के मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार के प्रमुख शासन सचिव समेत विभिन्न विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारी किशनगंज-शाहाबाद क्षेत्र में पहुंचे थे। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आदेश जारी फरवरी 2013 तक के लिए यह व्यवस्था शुरू की थी। इसके बाद पुन: अवधि बढ़ाकर इसे फरवरी 2014 तक कर दिया गया था।
यह अवधि समाप्त होने के बाद इस व्यवस्था को जारी रखने अथवा बंद करने को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं किया गया है।
इनकी खुराक पर भी संकट!
जिले के आदिवासी सहरिया क्षेत्र में एनिमिक (खून की कमी) बच्चों के पैदा होने तथा उनके जन्म से ही एनिमिक रहने के कारण कुपोषण की चपेट में आने का अंदेशा रहता है। सहरिया जनजाति की महिलाओं में भी खून की कमी रहने के मामले सामने आते रहे हैं।
ऎसे ही हालातों को देखते हुए सरकार की ओर से सहरिया परिवारों की गर्भवती धात्री माताओं को दोगुनी मात्रा पोषाहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की थी। इसके अलावा में व किशोरी बालिकाओं को सिंगल मात्रा में पोषाहार देने की व्यवस्था थी। पूर्व में एक केन्द्र पर दो किशोरी बालिकाओं के लिए यह व्यवस्था थी।
भेज रखे हंै प्रस्ताव
जिले में कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों, गर्भवती धात्री महिलाओं को दोगुना व किशोरी बालिकाओं को फरवरी 2014 तक ही पोषाहार वितरण किए जाने के आदेश थे, लेकिन अभी भी इस व्यवस्था को बंद नहीं किया गया है। इसकी अवधि बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजे हुए हंै।
रामदयाल मीणाउपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास
फैक्ट फाइल
इन्हें मिल रहा है लाभ
छह माह से 3 वर्ष के बच्चे कुपोषित अतिकुपोषित 8192
तीन वर्ष से 6 वर्ष के बच्चे कुपोषित अतिकुपोषित 5383
गर्भवती धात्रीमाता व सहरिया किशोरी बालिकाएं 5505
कुल लाभांवित बच्चे व महिलाएं एवं किशोरी 19080
बारां।सफाईकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न करने की मांग को लेकर मंगलवार को वाल्मीकि समाज संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों लोग पुन: नगरपरिषद के समक्ष आ जमे तथा घंटों तक वहीं डटे रहे। मौके पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी पहंुचे, वार्ता के बाद शाम को ये लोग यहां से हटे।
दोपहर को कोटा रोड स्थित विवेकानन्द पार्क में बैठक के बाद संघर्ष समिति के बैनर तले उक्त सभी लोग जुलूस के रूप में नारेबाजी करते परिषद कार्यालय के समक्ष पहंुचे। यहां मुख्य द्वार बंद कर प्रदर्शन किया गया। सूचना मिलते ही एसडीएम रामावतार कुमावत समेत पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार आदि भी पहंुच गए। समझाइश की गई लेकिन ठोस कार्यवाही की मांग को लेकर सभी लोग अड़े रहे।
इस दौरान सभापति कैलाश पारस भी पहंुच गए। समिति के सत्यनारायण भूमल्या ने बताया कि अधिकारियों की मौजूदगी में हुई वार्ता में बताया गया कि नरेन्द्र शर्मा को बारां नगरपरिषद आयुक्त का चार्ज दिया गया है। बुधवार को उनके यहां पहंुचने पर लॉटरी निकालने का भरोसा दिया गया।
यह है मामला
नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया विधानसभा चुनाव से पूर्व पूरी की जानी थी, लेकिन प्रक्रिया में देरी से आचार संहिता लग गई। इससे यह प्रक्रिया थम गई। बाद में आचार संहिता हटी तो परिषद आयुक्त का पद रिक्त हो गया। करीब दो माह पूर्व नए आयुक्त की नियुक्ति की गई, लेकिन उन्होंने प्रशिक्षण नहीं लेने की बात करते हुए कोई काम नहीं किए। गत दिनों वाल्मीकि समाज संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन शुरू किया तब परिषद प्रशासन ने 28 फरवरी को पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर 4 मार्च को लॉटरी निकालने पर सहमति बनी थी। मंगलवार को लॉटरी नहीं निकालने से समिति पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया।
फिर ठप करेंगे सफाई
इस मौके पर मानसिंह महाराजा, राजेन्द्र भूमल्या, हरिप्रसाद पंवार, नारायण डांगोरिया, अशोक नरवाला, किशन गोपाल, मंगतराम, रामविलास खरारा, जगदीश नरवाला समेत समाज के कई लोग मौजूद थे। समिति सदस्यों ने चेतावनी दी कि बुधवार को लॉटरी नहीं निकाली गई तो गुरूवार से शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी।
दोपहर को कोटा रोड स्थित विवेकानन्द पार्क में बैठक के बाद संघर्ष समिति के बैनर तले उक्त सभी लोग जुलूस के रूप में नारेबाजी करते परिषद कार्यालय के समक्ष पहंुचे। यहां मुख्य द्वार बंद कर प्रदर्शन किया गया। सूचना मिलते ही एसडीएम रामावतार कुमावत समेत पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार आदि भी पहंुच गए। समझाइश की गई लेकिन ठोस कार्यवाही की मांग को लेकर सभी लोग अड़े रहे।
इस दौरान सभापति कैलाश पारस भी पहंुच गए। समिति के सत्यनारायण भूमल्या ने बताया कि अधिकारियों की मौजूदगी में हुई वार्ता में बताया गया कि नरेन्द्र शर्मा को बारां नगरपरिषद आयुक्त का चार्ज दिया गया है। बुधवार को उनके यहां पहंुचने पर लॉटरी निकालने का भरोसा दिया गया।
यह है मामला
नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया विधानसभा चुनाव से पूर्व पूरी की जानी थी, लेकिन प्रक्रिया में देरी से आचार संहिता लग गई। इससे यह प्रक्रिया थम गई। बाद में आचार संहिता हटी तो परिषद आयुक्त का पद रिक्त हो गया। करीब दो माह पूर्व नए आयुक्त की नियुक्ति की गई, लेकिन उन्होंने प्रशिक्षण नहीं लेने की बात करते हुए कोई काम नहीं किए। गत दिनों वाल्मीकि समाज संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन शुरू किया तब परिषद प्रशासन ने 28 फरवरी को पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर 4 मार्च को लॉटरी निकालने पर सहमति बनी थी। मंगलवार को लॉटरी नहीं निकालने से समिति पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया।
फिर ठप करेंगे सफाई
इस मौके पर मानसिंह महाराजा, राजेन्द्र भूमल्या, हरिप्रसाद पंवार, नारायण डांगोरिया, अशोक नरवाला, किशन गोपाल, मंगतराम, रामविलास खरारा, जगदीश नरवाला समेत समाज के कई लोग मौजूद थे। समिति सदस्यों ने चेतावनी दी कि बुधवार को लॉटरी नहीं निकाली गई तो गुरूवार से शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी।
Monday, 3 March 2014
भाजपा में युवाओं ने जताई लोकसभा के लिए दावेदारी
जयपुर। भाजपा से लोकसभा चुनावों में टिकट के लिए कई युवाओं ने दावेदारी जताई है। इनमें नेताओं के पुत्र और रिश्तेदार भी हैं। केन्द्रीय नेतृत्व ने नेताओं के रिश्तेदारों की स्थिति स्पष्ट नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि दो-तीन सीटों पर युवाओं को मौका दिया जा सकता है। पार्टी ने प्रदेश में विधानसभा चुनावों में कई युवाओं को मौका दिया था और ऎसे-ऎसे नाम सामने आए, जिसने सभी को चौंका दिया था। युवाओं को टिकट देने का प्रयोग सफल रहा।
केन्द्रीय नेतृत्व भी अब प्रदेश भाजपा की ओर से अपनाई गई रणनीति के तहत लोस चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। केन्द्रीय नेतृत्व ने राजस्थान में 20 से 25 प्रतिशत सीटों पर युवाओं को मौका देने के संकेत दिए हैं। प्रदेश में आधा दर्जन से अधिक सीटों से युवा टिकट मांग रहे हैं।
विधानसभा चुनावों में भी जताई थी दावेदारी
लोकसभा में टिकट मांग रहे कई युवाओं ने प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में भी दावेदारी जताई थी। प्रदेश मंत्री जितेन्द्र मीणा ने जमवारामगढ़, दीनदयाल कुमावत ने फुलेरा, अमीन पठान ने कोटा, अरूण परसरामपुरिया ने सिरोही से टिकट मांगा था। बाड़मेर से विधानसभा चुनाव में प्रियंका चौधरी भाजपा की उम्मीदवार भी रहीं।
सीट और दावेदार
दौसा- जितेन्द्र मीणा, प्रदेश मंत्री
टोंक-स.माधोपुर- अमीन पठान, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष
जयपुर ग्रामीण- दीनदयाल कुमावत, युवा मोर्चा अध्यक्ष
जालोर-सिरोही- अरूण परसरामपुरिया, कोष्ााध्यक्ष, युवा मोर्चा
बाड़मेर- प्रियंका चौधरी
जोधपुर- धनंजय सिंह (ऊर्जा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के पुत्र )
अलवर- मोहित यादव (विधायक जसवंत यादव के पुत्र )
एक पटवारी निलम्बित, दूसरा एपीओ
अटरू, 3 मार्च। राजकार्य में लापरवाही और उच्चाधिकारियों से अभद्र व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर ललित कुमार गुप्ता ने एक पटवारी को निलंबित कर दिया है, जबकि एक अन्य पटवारी को एपीओ करने के आदेश दिए हैं।
तहसीलदार (भू-अभिलेख) दिलीप सिंह प्रजापत ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान का कार्य पटवारियों द्वारा जी-जान से किया जा रहा है, किंतु अटरू तहसील के पटवारी सुरेश कुमार मेहरा को फसल खराबे के सर्वे संबंधी निर्देश देने पर पटवारी द्वारा अटरू तहसीलदार के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा अनुशासनहीनता बरतते हुए सर्वे कार्य में गंभीर लापरवाही बरती। तहसीलदार की रिपोर्ट पर जिला कलक्टर ने इसे गंभीर मानते हुए पटवारी को तत्काल निलंबित कर दिया। प्रजापति ने बताया कि छीपाबड़ौद तहसील के पटवार मंडल बिलेण्डी में नियुक्त पटवारी देवेन्द्र सिंह की भी लगातार शिकायत आने एवं कार्य स्तर में सुधार नहीं करने पर पटवारी को एपीओ करते हुए कार्यालय जिला कलक्टर (भू-अभिलेख) में उपस्थिति देने के आदेश दिए गए हैं। जिला कलक्टर ने कहा है कि ओलावृष्टि से उपजे हालात में जिला प्रशासन कृषकों के साथ है। फसलों में हुए नुकसान का अतिशीघ्र सर्वे करवा कर आदान अनुदान (मुआवजा) का भुगतान बैंक खातों में जमा करा दिया जाएगा। कृषकों की परिवेदनाओं पर न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी। किसान विश्वास और धैर्य बनाए रखें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में सम्मिलित नहीं हों।
जिला स्तरीय दो दिवसीय मेले का शुभारम्भ
बून्दी 3 मार्च। (बुरान अली ) कृषि प्रौधोगिकी प्रबन्ध अभिकरण (आत्मा) के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय दो दिवसीय किसान मेले की विधिवत शुरूआत सोमवार को यहां एटीसी (छत्रपुरा) फार्म में हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ क्षेत्रीय विधायक अशोक डोगरा ने प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर श्री डोगरा ने मुख्य अतिथि पद से सम्बोधित करते हुए कहा कि जिले के कृषक इस मेले के माध्यम से कृषि, पशुपालन एवं बागवानी के नवीन तौर तरीको का लाभ उठाए। उन्होंने कहा कि गौ-पालन के लिए अलग से एक विभाग बनाएं जाने की घोषणा हाल ही में मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने की है। उन्होंने कहा कि फसल खराबे का सर्वे कार्य आरम्भ कर दिया गया है तथा सरकार किसानों के हितों को लेकर गम्भीर है।
आत्मा के परियोजना निदेशक हेमचन्द यादव ने कहा कि उद्योगों की तरह कृषि में भी नये-नये तरीके अपनाने की आवश्यकता है। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डा0 रामानन्द रावत ने कृषि और पुशपालन को एक दूसरे का पूरक बताया तथा पशुपालन मे उत्तम नस्ल, आहार, प्रबन्धन, चिकित्सा एवं विपणन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त निदेशक, कृषि(वि0) कोटा एस.के. जैन ने की।
अनुपस्थित चिकित्सकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही आरम्भ
| Add caption |
बून्दी 3 मार्च। (बुरान अली ) जिले में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने एवं चिकित्सकों के मुख्यालय पर निवास को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी उपखण्ड अधिकारियों एवं सेक्टर प्रभारियों से चिकित्सालयों को सप्ताह में कम से कम एक बार औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए है।
जिला कलक्टर के आदेशानुसार जिले मे जो चिकित्सक अपने मुख्यालय पर उपस्थित नहीं पाए गये, उनके विरूद्ध सीसीए नियमों के नियम 17 के तहत नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारम्भ की गई है। जिले में अब तक 36 चिकित्सकों को 17 सीसीए के नोटिस जारी किए जा चुके है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इन्द्रगढ़ के चिकित्सक डॉ. दिनेश शर्मा की दो वार्षिक वेतन वृद्धियां अंसचयी प्रभाव से रोके जाने के आदेश भी जारी किए गये है।
जिले के सभी उपखण्ड एवं नोडल अधिकारियों द्वारा 27 फरवरी को अपने-अपने क्षेत्र में चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान हिण्डोली सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अलोद एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दबलाना, थाना, बडानयागांव, गढानाथावतान तथा बड़ाखेड़ा पर चिकित्सक अनुपस्थित पाए गये।
जिला कलक्टर ने मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी को इन सभी चिकित्सकों के विरूद्ध सीसीए नियम 16 के तहत आरोप पत्र तैयार कर निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए है। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गोठडा में पदस्थापित चिकित्सक के विरूद्ध नियम 86 के तहत राजस्थान सेवा नियम की कार्यवाही के लिए भी निर्देश दिए है।
पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री भुवनेश चतुर्वेदी पंचतत्व में विलीन
कोटा, 3 मार्च (डॉ. प्रभात कुमार सिंघल)। लंबी सफल राजनैतिक यात्रा पूर्ण कर पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री भुवनेश चतुर्वेदी पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके भतीजे मनीष ने उन्हें मुखाग्रि दी। अपार जनसमूह की उपस्थिति में नम आंखों से उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर कोटा जंक्शन क्षेत्र स्थित शमशान घाट पर किया गया। शवयात्रा जब शमशान घाट पहुंची तो राज्य की राज्यपाल श्रीमती मार्गेट अल्वा एवं मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की ओर से पुलिस महानिरीक्षक गोविन्द गुप्ता, संभागीय आयुक्त अश्विनी भगत तथा जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने दिवंगत नेता चतुर्वेदी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रृद्धांजलि दी। दिवंगत चतुर्वेदी की शवयात्रा दोपहर 12 बजे उनके निजी आवास से रवाना हुई। इससे पूर्व चतुर्वेदी के पार्थिव शरीर पर पूर्व मंत्री शांति कुमार धारीवाल, रामकिशन वर्मा, भरत सिंह, विधायक भवानी सिंह राजावत, महापौर डॉ. रत्ना जैन, उपमहापौर राकेश सोरल, प्रदेश कांग्रेस महासचिव पंकज मेहता सहित डॉ. इकराम खान, डॉ. जफर मोह मद, ईश्वर लाल साहू, अशोक जैन आदि प्रमुख व्यक्तियों ने पुष्पाजंलि अर्पित की। शहर के वकील, समाजसेवी, शिक्षाविद एवं पत्रकारों, उनके परिजन सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी इस अवसर पर उपस्थित रहे और दिवंगत आत्मा को अपनी श्रृद्धांजलि अर्पित की। उनके शुभचिंतकों में अनेक मित्रगण भी उपस्थित थे। स्वर्गीय चतुर्वेदी विगत कुछ दिनों से बीमार थे और एक निजी चिकित्सालय में उनका उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने रविवार की सांय 6.30 अंतिम सांस ली। भुवनेश चतुर्वेदी ने अपने छात्र जीवन से स पूर्ण राजनैतिक काल में न केवल कोटा के विकास के लिए ऐतिहासिक कार्य किए, वरन् देश में कोटा का नाम ऊंचा भी किया। उन्होंने रूस, चीन जापान,जर्मनी, अमेरीका, इराक, ईरान सहित आदि देशों में करीब 100 से अधिक विदेश यात्रा कर कोटा का नाम विदेशों में पहुंचाया। यही नहीं उन्होंने 16 बार यूएनओ में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पी.वी.नरसिंह राव के शासनकाल में वे प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री के रूप में रहे। कोटा को बी-2 श्रेणी का दर्जा दिलाने, राजस्थान परमाणु बिजलीघर की महत्वाकांक्षी विस्तार योजना के लिए, कोटा को नगर निगम बनवाने,कोटा में तकनीकी विश्वविद्यालय और कोटा खुला विश्वविद्यालय की स्थापना करवाने, अपने मंत्रीत्वकाल में कोटा में निजी हवाई सेवा शुरू करवाने, युवा रंगकर्मियों के लिए कला-दीर्घा की स्थापना,कोटा थर्मल इकाई की प्रथम इकाई को स्वीकृत करवाने, रेलवे स्टेशन तथा ढकनिया रेलवे स्टेशन का विस्तार करने तथा हवाई अड्डे का आधुनिकीकरण करने जैसे आदि कार्यों के लिए स्वर्गीय चतुर्वेदी के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।जीवन परिचय:
स्वर्गीय भुवनेश चतुर्वेदी सर्वप्रिय, सुलभ, सहज एवं अपनी वाकपटुता के लिए जाने जाते थे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी चतुर्वेदी ने अपने छात्र जीवन से ही सार्वजनिक जीवन की शुरूआत की। उन्होंने छात्रनेता, अधिवक्ता, पत्रकार और राजनेता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका जन्म 2 मई, 1928 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले मैनपुरी कस्बे में हुआ था। बाल्यावस्था में ही उनके पिता कोटा आ गए और तबसे उनका स पूर्ण जीवन कोटा में व्यतीत हुआ। उन्होंने हर्बट कॉलेज (वर्तमान राजकीय महाविद्यालय) से एम.ए. कर एल.एल.बी. की डिग्री प्राप्त की। वे 1952 में राजकीय महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उन्होंने 1972 में कोटा विधानसभा सीट से निर्वाचन में जनसंघ के कृष्ण कुमार गोयल को पराजित किया और विधायक बने। वर्ष 1977 में वे पुन: चुनाव लड़े परंतु इस चुनाव में वे विजय प्राप्त नहीं कर सके। वर्ष 1980 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए राज्यसभा में मनोनित किया, तबसे वे लगातार तीन बार राज्यसभा सदस्य रहे। इसअवधि सांसद के रूप में उन्होंने अपनी साख बनाई और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक संधियों और समझौतों का आधार तैयार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1991 में पी.वी.नरसिंहराव के प्रधानमंत्री बनने पर राव ने उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री नियुक्त किया।
चतुर्वेदी ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हितकारी शिक्षा समिति के माध्यम से दो विद्यालयों का संचालन किया। कृष्णा मेनन की विचारधारा से प्रभावित होने के कारण वे समय-समय पर कृष्णा मेनन स्मृति व्या यानमाला का आयोजन भी करते रहे। शिक्षा और इस व्या यानमाला के प्रति उनके समर्पण का ही कारण रहा कि उनके कार्यक्रमों में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर लाल शर्मा,आर.वेंकटरमन, के.आर.नारायणन, पी.वी.नरसिंहराव, पूर्व राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटील, पूर्व वित्तमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, वर्तमान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी सहित अनेक प्रमुख हस्तियों को कोटा लाकर न केवल विद्यालय के छात्राओं मनोबल बढ़ाया बल्कि कोटा का गौरव भी बढ़ाया।
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