Monday, 3 March 2014

34 आरएएस के तबादले




कोटा  3 मार्च।  (लोकेया पोटर ) 

राज्य सरकार ने रविवार देर रात आदेश जारी कर 34 आरएएस अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया। इसमें कई अधिकारियों के हाल ही में किए गए स्थानांतरण को निरस्त कर नए पदों पर लगाया गया है। आदेशों में कहा गया है कि सभी अधिकारी वर्तमान पदों से कार्यमुक्त होकर तत्काल नवीन पद का कार्यभार ग्रहण करें। हाडौती के आरएएस :-  रविंद्र कुमार शर्मा--उपखंड अधिकारी अंता (बारां) ,जयवीर सिंह--उपखंड अधिकारी हिंडौली (बूंदी)मोडूदान देथा --सचिव नगर विकास न्यास कोटा, नरेंद्र गुप्ता-- उपायुक्त प्रशासन वाणिज्यिक कर विभाग कोटा, आराधना सक्सेना--राजस्व अपील अधिकारी कोटा,भवानी सिंह पालावत-- उपसचिव नगर विकास न्यास कोटा 

किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा




सांगोद, 3 मार्च। ( कुनाल यशवी )
 क्षेत्र में गत दिनों ओलावृष्टि व बरसात से फसलों में हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को  किसानों ने तहसीलदार श्याम मनोहर गौतम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रमेश नागर व तहसील अध्यक्ष लालचंद शर्मा के नेतृत्व में क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान कोलियों के बड़ पर एकत्रित हुए। यहां से रैली के रूप में किसानों ने एसडीएम कार्यालय पहुंच ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री के नाम भेजे ज्ञापन में किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए फसलों में हुए खराबे के मुआवजे के साथ फसरी ऋण व बिजली के बिल माफ करने की मांग रखी। इस मौके पर उपाध्यक्ष छीतर लाल गेंहूखेड़ी, जैविक प्रमुख पुष्पदयाल नागर, नगर अध्यक्ष किशन गोपाल नागर समेत क्षेत्र के चालीस से अधिक गांवों में कई किसान मौजूद रहे। किसानों ने तहसीलदार को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि क्षेत्र के कई गांवों में रबी की फसलें पूरी तरह बरबाद हो गई। पहले भी सोयाबीन की फसल पूरी तरह खराब होने के बाद भी मात्र तीस प्रतिशत नुकसान आंका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी खेतों पर जाकर सही तरीके से सर्वे नहीं कर रहे। इस पर तहसीलदार ने शीघ्र उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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कम्प्यूटर ऑपरेटर्स 100 रुपए प्रति दिन की पगार पर



सरकारी महखमों ने हवा में  उड़ाए श्रम विभाग के नियम

कोटा  3 मार्च (लोकेश पोटर ) सरकार पढ़े लिखे युवाओं को रोजगार मुहैया करवाने के कितने ही दावे करे लेकिन सरकारी विभागों में ही इनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इसकी बानगी सरकारी कार्यालयों में देखने को मिल रही है, जहां कम्प्यूटर ऑपरेटर के तौर पर नियुक्त शिक्षित युवाओं को तो महज 3 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं,  जबकि सफाई सहित अन्य कार्यों में बीट्स पर लगाए गए कार्मिकों को 45 सौ रुपए प्रतिमाह से भी ज्यादा का भुगतान किया जा रहा है। मजेदार बात यह है कि इस कारगुजारी में निगम प्रशासन राज्य सरकार के आदेशों की ही तौहीन करने में जुटा है। दरअसल श्रम विभाग ने सितम्बर 2013 को ही एक अधिसूचना निकाल दी थी जिसमें न्यूनतम मजदूरी को नए सिरे से निर्धारित किया गया था। इस आदेश में उच्च कुशल श्रेणी में आने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर्स को शामिल करते हुए उनकी न्यूनतम मजदूरी 269 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से 6734 रुपए प्रतिमाह तय की थी। इसे एक जनवरी 2014 से लागू भी कर दिया गया लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी नगर निगम प्रशासन इन ऑपरेटर्स की मजदूरी को श्रम विभाग के निर्देशों के अनुसार लागू नहीं कर रहा है।
इन शिक्षित युवाओं के साथ सबसे बड़ा मजाक यह हो रहा है कि उच्च कुशल श्रेणी में तो आज भी  महज 3 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से भुगतान किया जा  रहा है, जबकि बीट्स पर लगाए गए कर्मचारियों को 4500 रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।
दो महीने बीतने के बाद भी नए प्रावधानों के हिसाब से वेतन नहीं मिलने से परेशान निगम के कम्प्यूटर ऑपरेटर्स ने उनके वेतन में बढ़ोत्तरी की जाने की माँग की थी लेकिन अभी तक भी इस पर कोई निर्णय निगम प्रशासन की ओर से नहीं किया गया है।

Sunday, 2 March 2014

एलेन कैरियर इंस्टिट्यट द्वारा छात्र-छात्राओं से वसूली जाती की मुंह माँगी रकम



  1. एलेन कैरियर इंस्टिट्यट द्वारा छात्र-छात्राओं से वसूली जाती की मुंह माँगी रकम


  • ऐजूकेशन हब को तार-तार करने में लगा एलेन कैरियर इंस्टिट्यट


               


कोटा । 

ऐजूकेशन हब  की उपलब्दी प्राप्त कोटा शहर के चर्चे विदेशों तक है ऐजूकेशन हब के उप नाम से जाना जाने वाला कोटा शहर , शहर की ही निजी कोचिंग क्लासों ने ऐजूकेशन हब की मान्यताओं को तार-तार कर रखा जिनमें सबसक ज्यादा  एलेन कैरियर इंस्टिट्यट कोटा ब्रांच में छात्र-छात्रओं से सबसे ज्यादा लूट कसोट की जा रही है ।  एलेन कैरियर इंस्टिट्यट द्वारा प्रवेश के साथ ही अनेक प्रकार की शुल्क जोड दी जाती है जिनमें अध्यन से ज्यादा तो सांस्कृतिक  कार्यक्रमों ,गणवेस , ऐजूकेशन टयूर , साप्ताहिक टेस्ट , मासिक टेस्ट व अन्य प्रकार की शुल्क , और इस शुल्क को भी छात्र-छात्राओं से एक ही किस्त में ले लिया जाता है जिससे छात्र-छात्राओं पर व परिजनों पर आर्थिक दबाव बड जाता है ।  एलेन कैरियर इंस्टिट्यट वैसे तो कोटा शहर में अपने पेर मजबूती से जमा चुका है लेकिन अब  एलेन कैरियर इंस्टिट्यट के संचालकों की हरकते   इंस्टिट्यट को बदनाम करने जेसी हो गई है  एलेन कैरियर इंस्टिट्यट के साथ-साथ कोटा शहर जिसे देश दुनिया में ऐजूकेशन हब के नाम से जाना जाता है उस का भी नाम  एलेन कैरियर इंस्टिट्यट द्वारा मिट्टी में मिलाया जा रहा है । अगर हम बात करे स्थानिय प्रशासनिक कुनबे की तो  ऐसा मालुम होता है की एलेन कैरियर इंस्टिट्यट ने प्रशासनिक कुनबे को तों खरीद लिया हो जो  एलेन कैरियर इंस्टिट्यट के द्वारा बनाऐ हुऐ नियमों की पालना करता है ।  एलेन कैरियर इंस्टिट्यट में अगर फ्सि में कुछ छूट पानी है तो आई .एस. ,आपीएस , सीनियर एस्टीसीटर या किसी मॉडल का फोन कराना पडता है फोन आने के बाद तो  एलेन कैरियर इंस्टिट्यट के संचालक सहित संपूर्ण स्टाफ जि हूजूरी करने लग जाता है. अगर शिक्षा नगरी मेें  एलेन कैरियर इंस्टिट्यट की करतुते इस प्रकार ही चलती रही तो वो दिन दुर नही की कोटा का नाम तार-तार हो जायेगां ।

Friday, 28 February 2014

Himanshusamachar 1 March 2014

Dainik Himanshu samach 1 March 2014 - 1

Dainik Himanshu samach 1 March 2014 - 2


Dainik Himanshu samach 1 March 2014 -3


Dainik Himanshu samach 1 March 2014 - 4


ऐलेन कैरियर इंस्टिट्यट के कई छात्र-छात्राऐ हर वर्ष सो जाते है मौत के आघोष में


  • ऐलेन कैरियर इंस्टिट्यट  के कई छात्र-छात्राऐ हर वर्ष सो जाते है मौत के आघोष में


पढाई के बोझ को ले कर कर लेते है अपनी आत्महत्या या कोचिंग इंस्टिट्यट का होता है दबाव 

हर वर्ष छात्र-छात्राओं की मौत के आकड़े क्यो बडते जा रहे है ?



कोटा ।
         शिक्षा नगरी के नाम से विख्यात कोटा शहर राजस्थान में ही नही बल्की पूरे भारत देख में विख्यात है और इसकी प्रसिदी को सुन - सुन कर हर वर्ष हजारों की तादाद में अपना भविष्य का निर्माण करने की चाह में विद्यार्थी कोटा शहर में आते है लेकिन कोटा शहर का आलम देख आगन्तुक विद्यार्थी भविष्य निर्माण को छोड कर अपने भविष्य का ही निर्वाण कर बेठते है जिसके पीछे करण भी अनेक होते है शहर के प्राईवेट कोचिंग संस्थानों ने अपनी मन मर्जी की फ्सि लगाई हुई है जिसके चलते छात्र-छात्राओं पर  कुछ दबाव तो वही से बड जाता है  अधिक फ्सि भर कर प्रवेश मिलने के बाद भी शहर की विख्यात कोचिंग संस्थाऐ छात्र- छात्राओं को पढाई का उक्त माहोल नही दे पाती है जिनके नाम के बारे में जानना चाहे तो वह कोटा शहर की ही नही बल्की देश भर में विख्यात मानी जाती है । जिनमें ऐलेन कैरियर इन्सटीट्यट को सबसे ज्यादा उपलब्दी प्राप्त है । अगर हम बात करे विद्यार्थीयों केे आत्महत्या की तो साल 2013  में ऐलेन कॉरियर इन्सटीट्यट  के विद्यार्थीयों ने सबसे ज्यादा आत्त्महत्या को गले लगाया है और जिनकी मौत की खबर  ऐलेन कैरियर इन्सटीट्यट संस्थान के मेनेजमेन्ट डॉयरेक्टर द्वारा इस कदर छुपाई जाती है की पुलिस के अलावा मृतक विद्यार्थी को भी पता नही होता है की मेरी मौत की फाईल किस अन्जाम पर जा कर बन्द हुई होगी परिजन को अपनी चिकनी चुपडी बतो में फसा कर मृतक छात्र-छात्राओं की फाईले बन्द कराई जाती है जिसका सबुत कोटा पुलिस भी है लेकिन सामने आने से तो इन्कार ही करती है  ऐलेन कैरियर इन्सटीट्यट द्वारा मृतक छात्र-छात्रओं के मामलों का निपटारा कराने के लिए पुलिस का ही एक दलाल रूप में अधिकारी होता है जो किसी भी प्रकार से हुई मौत को आत्महत्या में बदल सकता है । 

Thursday, 27 February 2014

DAINIK HIMANSHU SAMACHAR

DAINIK HIMANSHU SAMACHAR -1
DAINIK HIMANSHU SAMACHAR  -3
 DAINIK HIMANSHU SAMACHAR -4
DAINIK HIMANSHU SAMACHAR -2